मुझे मिलने महीनों बा'द आई हो, बधाई हो!
मचाया शोर यारों ने "बधाई हो, बधाई हो!"
इधर मैं भी बिखेरे जा रहा हूँ हर तरफ़ जलवा
उधर तुम भी हर इक महफ़िल में छाई हो, बधाई हो!
अगर बाली के जैसा वो निकल जाए तो लानत है
मगर लक्ष्मण के जैसा जिस का भाई हो, बधाई हो!
वो जिस के पास दौलत और शोहरत हो बधाई क्या
वो जिस के हाथ में तेरी कलाई हो, बधाई हो!
— Rituraj kumar















