jitne hothon se ye jaati jaayegi | जितने होठों से ये जाती जाएगी

  - Saahir

जितने होठों से ये जाती जाएगी
बात है ये उतनी ही बदली जाएगी

ज़िंदगी पहले जैसी होती जाएगी
जैसे जैसे 'उम्र ये ढ़लती जाएगी

ज़ीस्त में वो है यूँँ जैसे सहरा में पेड़
पेड़ भी वो जिसकी पूजा की जाएगी

सब लगे उसे करने में याद और मुझको
ये लगता है याद है आ ही जाएगी

ये कह ख़ुद को हर रस्ते पे मोड़ लिया
जो होगा सो होगा देखी जाएगी

वो आया है रहने को अब देखो तुम
घर से सब सेे पहले उदासी जाएगी

मकड़ी का घर देख यही सोचा मैं ने
घर में घर बना लिया मारी जाएगी

मेरी शादी के दिन मेरे अलावा एक
लड़की घर से रोती रोती जाएगी

मैने उसको अपने पास बिठाया है
देखो जेब मेरी भी काटी जाएगी

  - Saahir

Shadi Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Saahir

As you were reading Shayari by Saahir

Similar Writers

our suggestion based on Saahir

Similar Moods

As you were reading Shadi Shayari Shayari