ab udaasi ho ya khushi tum ho | अब उदासी हो या ख़ुशी तुम हो

  - Rohit tewatia 'Ishq'

अब उदासी हो या ख़ुशी तुम हो
जो मुहब्बत है बस वही तुम हो

जिसने देखा वो हो गया मदहोश
मेरी आँखों की रौशनी तुम हो

तुम ही तुम तो मेरे तसव्वुर में
है तसव्वुर में जो कमी तुम हो

मैं ही कहता हूँ ज़िंदगी को बला
मैं ही कहता था ज़िंदगी तुम हो

जान का डर है सबको बस अपनी
और मेरी तो जान भी तुम हो

तुम हक़ीक़त हो मेरे ख़्वाबों की
और हक़ीक़त में ख़्वाब सी तुम हो

दो नहीं एक ही हैं हम दोनों
'इश्क़ हूँ मैं तो 'इश्क़ ही तुम हो

  - Rohit tewatia 'Ishq'

Life Shayari

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