उस सेे जब कर दिया जुदा मालिक
क्यूँ दी जीने की फिर सज़ा मालिक
मैं मोहब्बत पे जान देता था
मुझ को ठुकरा दिया गया मालिक
याद भी दिल में मर गई उस की
घर में अब कुछ नहीं बचा मालिक
देख कर आइने में कहता हूँ
आपने मुझ से कुछ कहा मालिक
सामने थी वो बे-वफ़ा मेरे
इश्क़ रस्ते में आ गया मालिक
— Rohit tewatia 'Ishq'















