एक बार मुझे फिर से वो आवाज़ सुना दो

मुमकिन हो तो तुम उन से मेरी बात करा दो

देखो मैं कोई बात छिपाता नहीं तुम से
तुम भी जो हो दिल में वो मुझे साफ़ बता दो

वो काम करो आदमी ख़ुद तुम को दुआ दे
कहना न पड़े तुम को किसी से कि दुआ दो

अब हम को कोई आरज़ू जीने की नहीं है
देनी है अगर हम को तो मरने की दुआ दो

ये कोई नहीं कहता चलो उन से मिलाऊँ
हर कोई यही कहता है तुम उन को भुला दो

वो आए न आए ये अलग बात है लेकिन
तुम अपनी तरफ़ से दर-ओ-दीवार सजा दो

— Saif Dehlvi

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