वो जिस के दम से मेरी ज़ीस्त में उजाला है
पता चला है कि मुझ से बिछड़ने वाला है
दुआ करो कि मोहब्बत न हो किसी से तुम्हें
हमें किसी की मोहब्बत ने मार डाला है
किसी को वक़्त ने ढाला है अपने साँचे में
किसी ने वक़्त को साँचे में अपने ढाला है
ज़रा भी 'सैफ़' की मासूमियत पे मत जाना
वो शख़्स देखने में सिर्फ़ भोला भाला है
— Saif Dehlvi















