ये रंगीन आँचल ये पुर नूर चेहराखनक पायलों की ये चूड़ी का घेराजहाँ तक भी देखो है ख़ुशबू तुम्हारीतुम्हारी चमक से है दिल में सवेरा— Sanjay Bhat