हाँ इन गलियों और बाजारों में
मैं तो मारा गया इशारों में
जब से तुझ को देखा है मैं ने
शुमार हूँ अल्लाह के प्यारों में
तेरी आँखें देखूँ तो सोचूँ
क्या रक्खा है हसीं नज़ारों में
तू लगती नइँ है इस दुनिया की
तेरी दुनिया चाँद सितारों में
नख़रे तेरे ऐसे हैं जानाँ
जैसे हो मॉडल अख़बारों में
जब से रखे हैं तेरे लब पर लब
मैं शामिल हूँ इश्क़ के मारों में
तू ऐसे थाम हाथ 'सौरभ' का
इसे न रहना पड़े कुँवारों में
— Saurabh Chauhan 'Kohinoor'















