"काम ख़त्म नहीं होते"

इक काम करेंगे ये काम होने के बा'द
वो भी तो इक काम बचा है
इस काम के फ़ौरन बा'द
तुम अपने कामों से फ़ुरसत हो जाओ तो जल्दी आना
हम अपने कामों से फ़ुरसत हो पाएँगे तो आएँगे
तुम आओ तो बतलाएँगे
हम को भी इक काम है तुम से
अपने अपने काम ख़तम हो जाएँगे तो बात करेंगे
अपने कामों से फ़ुरसत हो पाएँगे तो बात करेंगे
इस दुनिया के हर बाशिंदे को
अपने ही काम बहुत हैं
जिस से पूछो बस ये कहता
काम बहुत हैं
काम बहुत हैं
कोई परेशाँ है कामों से
कोई परेशाँ काम के पीछे
इतने कामों में उलझे हैं
फिर भी हम नाकाम बहुत हैं
जब इतने नाकाम हैं तो फिर
काम में इतनी दिलचस्पी क्यूँ
दुनिया भर के काम के आगे
ज़ीस्त है फिर इतनी सस्ती क्यूँ
इस दुनिया में पैदा होंगे
काम करेंगे मर जाएँगे
काम से जब फ़ुरसत पाएँगे
तो न लौट को घर जाएँगे
गर ऐसा होता जाएगा तो क्या हम पैग़ाम ही देंगे
आने वाली नस्लों को भी नाम नहीं
बस काम ही देंगे
लेकिन अब हम ने ये ठाना है
लौट के अपने घर जाना है
लोगों से बातें करनी है
सब से मिल कर भी आना है
काम फ़राइज़ में अंतर है
ये भी सब को समझाना है
जो आज हमारे साथ खड़े हैं
वो हर वक़्त नहीं होते
काम मुकम्मल तो होते हैं
लेकिन ख़त्म नहीं होते ।

— SHABAN NAZIR

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