duaaein maangi khuda se asar nahin aaya | दुआएँ माँगी ख़ुदा से असर नहीं आया

  - Shajar Abbas

दुआएँ माँगी ख़ुदा से असर नहीं आया
पलट के गाँव को वापस शजर नहीं आया

तमाम 'उम्र सफ़र में गुज़रने वाली है
मगर तुम्हारी गली का गुज़र नहीं आया

शिकम को भर लिया जिसने हराम लुक़मों से
उसी को रास्ता हक़ का नज़र नहीं आया

जिसे तमन्ना थी ख़ुद हमसे दूर होने की
सवार करने वो वक़्त-ए-सफ़र नहीं आया

इधर से जो भी गया था उधर शजर ज़ैदी
उधर से लौट के वापस इधर नहीं आया

  - Shajar Abbas

Safar Shayari

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