इश्क़-ए-अली में मीसम-ए-तम्मार आइए
हक़ को बयान करने सर-ए-दार आइए
बेचैन दिल है करना है दीदार आइए
सरकार आइए मिरे सरकार आइए
ऐ शाहज़ादे देखो ज़रा आपके बिना
वीरान दिल का लगता है दरबार आइए
यूसुफ़ का हुस्न बर सर-ए-बाज़ार आ गया
जल्दी ज़ुलेख़ा मिस्र के बाज़ार आइए
बाद-ए-सबा ये कहना तुझे गर शजर मिले
रुख़्सत जहाँ से होता है बीमार आइए
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