मेरे हमदम मिरे दिलबर मिरे हमराज़ सुनो
रुख़ को मत देखो मिरे तुम मिरे अलफ़ाज़ सुनो
फूल भिजवाने हैं रखकर ये किताबों में तुम्हें
'इश्क़ का ऐसे मुझे करना है आग़ाज़ सुनो
उठ के सहरा में चले आओ मदद करने मिरी
कब से आवाज़ तुम्हें देता हूँ आवाज़ सुनो
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