hooñ main bikhra sanwaar do mujhko | हूँ मैं बिखरा सँवार दो मुझको

  - Shajar Abbas

हूँ मैं बिखरा सँवार दो मुझको
यानी थोड़ा सा प्यार दो मुझको

जान ये गर जो कर नहीं सकते
सुनिए फिर आप मार दो मुझको

बस ये है दिल की आख़िरी ख़्वाहिश
जान कहकर पुकार दो मुझको

श्क़ की मय का आदी हूँ में सुनो
इसका थोड़ा ख़ुमार दो मुझको

मुझसे होकर जुदा वो कैसी है
कुछ ख़बर उसकी यार दो मुझको

मुझसे कुछ रोज़ बाद ले लेना
एक बोसा उधार दो मुझको

हर घड़ी बे क़रार रहता हूँ
आके थोड़ा क़रार दो मुझको

उलझी ज़ुल्फ़ें तुम्हारी सुलझा दूँ
तुम अगर इख़्तेयार दो मुझको

अश्क़ आँखों में भर के बोला शजर
अपने दिल से उतार दो मुझको

  - Shajar Abbas

Akhbaar Shayari

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