इक चमकदार आफ़ताब है वो
इसलिए सुनिए लाजवाब है वो
जिसको देखा है रात दिन मैंने
ज़िंदगी का हसीन ख़्वाब है वो
नाम की जैसे हू-ब-हू अपने
ख़ूबसूरत तो बे हिसाब है वो
दिल की ये है सदा के पढ़ते रहो।
ज़िन्दगी का अजीम बाब है वो।
ईद कर लेते लोग बे मौसम
शुक्र-ए-रब है कि बा हिजाब है वो
एक मेरे सिवा ज़माने में
देखिए सबको दस्तियाब है वो
सारे गुलशन में तुम पे तन्हा शजर
ख़ूबसूरत सा इक गुलाब है वो
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