जान तुम पर निसार है हमदम
था हमें तुम से प्यार है हमदम
लौट भी आओ अब ख़ुदा के लिए
दिल बड़ा बे क़रार है हमदम
मिरे सब राज़ तुझ पे वाज़े हैं
तू मिरा राज़दार है हमदम
तेरी मेरी जुदाई के ग़म में
ये जहाँ सोगवार है हमदम
मेरी बे नूर इन निगाहों को
बस तिरा इंतिज़ार है हमदम
याद कर के तुझे लहू रोना
अब मिरा रोज़गार है हमदम
आपकी इन नशीली आँखों का
हम पे अब तक ख़ुमार है हमदम
तुम चले आओ फ़ातिहा पढ़ने
देखो सूना मज़ार है हमदम
गुल हैं सारे तुम्हारी क़िस्मत में
मेरी क़िस्मत में ख़ार है हमदम
मत वफ़ा का सबूत दो हमको
आप पर एतिबार है हमदम
थक चुके हैं चलो वहाँ बैठें
वो शजर छाँव दार है हमदम
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