जहाँ में बस तेरी शोहरत है मुर्शिद
तेरे दीदार की हसरत है मुर्शिद
मोहब्बत की कोई मत बात करना
मोहब्बत से मुझे नफ़रत है मुर्शिद
मोहब्बत क्या है गर पूछोगे मुझसे
तो मैं बोलूँगा इक आफ़त है मुर्शिद
मुझे महफ़िल से हैबत हो रही है
मुझे तन्हाई की आदत है मुर्शिद
शजर अक्सर कहा करता था मुझसे
तू मेरा दिल मेरी दौलत है मुर्शिद
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Shajar Abbas
our suggestion based on Shajar Abbas
As you were reading Tanhai Shayari Shayari