जुस्तुजू करने लगे हम जुस्तुजू कर लीजिए
रू-ब-रू आ जाइए या रू-ब-रू कर लीजिए
कर रहा है 'इश्क़ आकर ख़ाना-ए-दिल का तवाफ़
हो सके तो आप भी जाकर कभू कर लीजिए
पूछते हो हमसे तुम क्या है हमारी आरज़ू
आरज़ू ये है हमारी आरज़ू कर लीजिए
ख़त्म कर दी दश्त में उट्ठो मुअज़्ज़िन ने अज़ाँ
गर नमाज़-ए-इश्क़ पढ़नी है वज़ू कर लीजिए
ग़ैर से होती रहेगी ग़ैर का क्या ग़ैर है
अपनों से महफ़ूज़ अपनी आबरू कर लीजिए
कब तलक चुपचाप गुमसुम और बैठेंगे शजर
तल्ख़ लहजे में सही कुछ गुफ़्तुगू कर लीजिए
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