maan lete hain jo kahte ho sanam yaad kiya | मान लेते हैं जो कहते हो सनम याद किया

  - Shajar Abbas

मान लेते हैं जो कहते हो सनम याद किया
याद हर वक़्त किया फिर भी तो कम याद किया

तेग़-ए-अबरू से जो ढाया था सितम वक़्त-ए-विसाल
बाद-ए-फ़ुर्क़त वो तिरा यार सितम याद किया

जानिब-ए-मंज़िल-ए-फ़ुर्क़त जो ये दिल बढ़ने लगा
मंज़िल-ए-वस्ल को हर एक क़दम याद किया

बर सर-ए-राह-ए-मुहब्बत जो खुले ज़ख़्म-ए-जिगर
आह की हमने फ़क़त तुमको सनम याद किया

मैंने पल भर को नहीं बुझने दिया ग़म का दिया
हर घड़ी तेरा शजर रंज-ओ-अलम याद किया

  - Shajar Abbas

Waqt Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Shajar Abbas

As you were reading Shayari by Shajar Abbas

Similar Writers

our suggestion based on Shajar Abbas

Similar Moods

As you were reading Waqt Shayari Shayari