mehfil men usne 'ishq ka ailaan kar diya | महफ़िल में उसने 'इश्क़ का ऐलान कर दिया

  - Shajar Abbas

महफ़िल में उसने 'इश्क़ का ऐलान कर दिया
सब दोस्तों को सखियों को हैरान कर दिया

उसने सुना के तर्के ए तअल्लुक़ का फ़ैसला
इक चलते फिरते जिस्म को बे जान कर दिया

कहकर क़ुबूल उसने शजर के क़ुबूल पर
देखो शजर को साहिब-ए-ईमान कर दिया

मुझ ख़ाकसार शख़्स को माँ की दुआओं ने
इक सल्तनत का दोस्तों सुलतान कर दिया

हमने सनम को सिर्फ़ सनम ही रखा 'शजर'
और आपने सनम को ही भगवान कर दिया

  - Shajar Abbas

Irada Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Shajar Abbas

As you were reading Shayari by Shajar Abbas

Similar Writers

our suggestion based on Shajar Abbas

Similar Moods

As you were reading Irada Shayari Shayari