'umr bhar dil ke dareechon ko sajaaye rakhna | 'उम्र भर दिल के दरीचों को सजाए रखना

  - Shajar Abbas

'उम्र भर दिल के दरीचों को सजाए रखना
तुम शजर दिल में मोहब्बत का लगाए रखना

ये सदा देता है सदियों से लहू सरवर का
ज़ुल्म के सामने तुम सर को उठाए रखना

हुस्न का क्या है किसी रोज़ भी ढल जाएगा
अपने किरदार को आईना बनाए रखना

नग़मा-ए-इश्क़ है ज़ीनत तेरे इन होंठों की
नग़मा-ए-इश्क़ को होंठों पे सजाए रखना

वक़्त-ए-रुख़सत तू मेरी जान-ए-जिगर जान-ए-वफ़ा
दिल के जज़्बात को सीने में दबाए रखना

  - Shajar Abbas

Kamar Shayari

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