ईद-ए-ग़दीर आई है महफ़िल सजाइएख़ुशियों का दिन हैं आइए ख़ुशियाँ मनाइएबोलूँगा मैं जवाब में क़ुव्वत से या अलीकसरत से आप नारा-ए-हैदर लगाइए— Shajar Abbas