लगा सके तो मुझे कुछ हसीन रंग लगायक़ीन, इश्क़, इबादत ये तीन रंग लगालगाऊँ मैं ही तुझे रंग दोस्त ठीक नहींतू भी ज़रा मेरे हाथों से छीन रंग लगा— Dipanshu Shams