पक्का है इंतिज़ाम ज़रा इंतिज़ार करलेंगे ये इंतिक़ाम ज़रा इंतिज़ार करसय्याद बुन रखा है परिंदों ने अब की जालहोगा तू ज़ेर-ए-दाम ज़रा इंतिज़ार कर— Dipanshu Shams