ख़ुदा से इक लड़ाई यूँँ लड़ी जाएमुआफ़ी बेवफ़ाओं को भी दी जाएसुना है बे-वफ़ाई शिर्क है फिर भीजो आए लौट कर वो अपना ली जाए— Shams Amiruddin