वैसे तो लड़का अच्छा है
जो भी हो आख़िर लड़का है
जितने चाहे ग़म दो इसको
लड़का है, थोड़ी रोता है
पत्थर समझ न पत्थर मारो
लड़के में भी दिल होता है
आस सहारे की है इसको
इस
में भी नन्हा बच्चा है
समझेगा, समझा के देखो
लड़का भी इंसाँ होता है
लड़का है भगवान नहीं है
ये भी राह भटक सकता है
दिल से तुम अपना के देखो
तब जानोगे ये कैसा है
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