"तुम और इश्क़"
अज़ल से रेत है ज़िन्दगी
अज़ल से पानी है इश्क़
आप के कंधे पर
मेरा सिर मेहमान है
मेरी बाहों में
आप की मेज़बान है इश्क़
ज़ुल्फ़ों से उतर कर
कानो तक का सफ़र है
चमकती आँखों से
महकते आँचल तक की कहानी है इश्क़
आप के माथे पर
मेरे लबों के निशान
मेरे लबों पर
आप के लम्स की निशानी है इश्क़
— Sandeep Rajput















