साथ दिया तेरे अपनो ने तू ने दीए जलाए

हम से पूछ तू हम ने कैसे दीए जलाए

तू ये दुआ करता है हम अँधेरे देखें बस
और हम ने तेरे घर में, थे दीए जलाए

बंद पड़े कमरे में तू ने उजाले हैं फेंके
लड़की कहने को बस तू ने दीए जलाए

रूठ नहीं जाए हम से वो कभी बस इस डर में
कितनी दुआ की हम ने कितने दीए जलाए

हाथ जला है कितना ये तो तू ने पूछा नहीं
तू बस पूछ रहा है कितने दीए जलाए

दुनिया रौशन करने के ज़िद में है वो सारे
उस के नाम से हम ने जितने दीए जलाए

उस
में मुझ
में इतना ही है फ़र्क समझ लो बस
उस ने जलाया दिल और मैं ने दीए जलाए

इक लड़की ले के आई है उजाले घर में 'सलीम'
उस ने क़दम रखते ही पहले दीए जलाए

— BR SUDHAKAR

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