देख ले तूने जो चाहा हो गया
देख ले मुझको मैं तन्हा हो गया
मैं कभी उसका था उसका ही था बस
एक दिन फिर मैं पराया हो गया
तू गई है छोड़ के यादें नहीं
किसने बोला मैं अकेला हो गया
मैं हुआ दरिया कभी सहरा सनम
प्यार में तेरे मैं क्या क्या हो गया
तेरे हक़ की हर ख़ुशी तुझको मिले
अपना तो ग़म था जो अपना हो गया
दर्द बाहर भी चले आएँगे दोस्त
दोस्त बस तू पूछ ले क्या हो गया
मैं चला था भीड़ के ही साथ, पर
आँख झपकी और मैं तन्हा हो गया
कितना प्यारा वो ख़ुदा को मत ही पूछ
उसने जो चाहा जो बोला हो गया
अपनी है तासीर कुछ ऐसी 'सलीम'
जो मिला हम से वो हम सा हो गया
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