साथ मेरे एक यार है पागल

हाॅं पर वो मेरा प्यार है पागल

तू ही देरी करेगा आने में
और तेरा ही इंतिज़ार है पागल

तू मेरे ज़र्रे- ज़र्रे में है और
तू मुझ
में आर पार है पागल

तुझ को कैसे रुला सकूंगा मैं
ख़ुद तू मेरा ग़म-गुसार है पागल

माना मुझ को नहीं पता है प्रेम
तू भी कहाँ जानकर है पागल

जो मैं इतना बिगड़ गया हूँ ना
तेरा ही सब लाड-प्यार है पागल

धीरे-धीरे पागल होगा वो भी
साथ तेरे जो भी यार है पागल

आशिक़ बोल पड़े आशिक़ हो तो यूँॅं
तू ऐसा शानदार है पागल

हम भी हॅंस लें कभी कभी ए दोस्त
कह तुझ को हम से प्यार है पागल

— BR SUDHAKAR

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