pooch rahe ho aaKHir hai kya jungle men | पूछ रहे हो आख़िर है क्या जंगल में

  - BR SUDHAKAR

पूछ रहे हो आख़िर है क्या जंगल में
जो भी भटके उनका रस्ता जंगल में

किसको इश्क़ के रस्ते में आसानी हुई
तू भी भटकी मैं भी भटका जंगल में

वो ही काम करेगा तेरे इलाज में बस
इक वो जंगली फूल मिलेगा जंगल में

सारे परिंदे इंग्लिश बोल रहे है अब
इक लड़की ने ऐसा पढ़ाया जंगल में

प्यार में इतना तेरा पागलपन ठीक नहीं
रात गए मिलने को बुलाया जंगल में

जंगल वाले ही साथ नहीं देते है यहाँ
पेड़ यहाँ कटता जंगल का जंगल में

घर पे बुला के क्या दे देना है तुमने
ठीक था अच्छा ख़ासा बैठा जंगल में

रो-रो के मुझ सेे कहते है पेड़ सभी
यार तू पहले क्यूँ नहीं आया जंगल में

  - BR SUDHAKAR

Valentine Shayari

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