maine to ye socha tha bas achha hogaa | मैंने तो ये सोचा था बस अच्छा होगा

  - BR SUDHAKAR

मैंने तो ये सोचा था बस अच्छा होगा
पर मालूम नहीं था मुश्किल रस्ता होगा

वो लड़की हाँ बोलेगी दिल कहता है मेरा
पर फिर दिल ही कहता है क्या ऐसा होगा

जब ख़ुद मैं नहीं हस पाया हूँ हिजरत के बाद
तो फिर ये मुमकिन है वो भी रोता होगा

अब जिस हालत में हूँ मैं जो रुतबा है मेरा
उसको भूल ही जाना शायद अच्छा होगा

आज मेरे दिल की धड़कन कुछ बढ़ सी गई है
शायद वो भी मुझको याद ही करता होगा

इस लिए छोड़ गया है कोई 'सलीम' तुझे भी
तूने भी किसी को कभी ऐसे ही छोड़ा होगा

  - BR SUDHAKAR

Berozgari Shayari

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