तुम्हें हम मिलेंगे तो ऐसे मिलेंगे
बिछड़ते हुए जैसे रस्ते मिलेंगे
कमर पर मिरे हाथ उस ने रखा था
यहीं उस की उँगली के धब्बे मिलेंगे
तुम्हें चाहिए क्यूँ मिरे जैसा लड़का
तुम्हें यार हम से भी अच्छे मिलेंगे
बिछड़ते हुए वो यही कह रही थी
मिलेंगे तो हम गाह गाहे मिलेंगे
कभी कोल्ड कॉफ़ी हो पीनी बताना
उसी रैस्ट्राँ में ही बैठे मिलेंगे
नया दोस्त हम ने बनाया नहीं है
इसी आस में थे के बिछड़े मिलेंगे
— Sunny Seher















