मिले न ये आसान गुसाईं
मुश्किल है पहचान गुसाईं
दोनों तरफ़ बिछी हैं लाशें
जीवन है शमशान गुसाईं
हम ने उस को चोर बताया
जिस का है सम्मान गुसाईं
उतना ही अच्छा है क्या वो
जितना उस का ज्ञान गुसाईं
जिस को धन की भूख नहीं है
वो सच्चा धनवान गुसाईं
— Suryapratap swtantra















