जीवन का हर मूल्य चुकाना पड़ता है
आँसू चीखें दर्द छुपाना पड़ता है
घर पर बैठे मंज़िल पाना दुष्कर है
उठकर चल कर बाहर जाना पड़ता है
तुम को तो बस वादे करने होते है
हम को पूरा साथ निभाना पड़ता है
अंदर से इक जोकर कितना रोता है
बाहर सब को उसे हँसाना पड़ता है
ऐसे रिश्ते का कोई अस्तित्व नहीं
हरदम जिस
में यक़ीं दिलाना पड़ता है
इस दुनिया में जो कोई भी आता है
उस को दुनिया छोड़ के जाना पड़ता है
— SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"















