Gulshan
Gulshan
Nazm

फिर एक मुल्क आज़ाद बने

जब मक़सद देश बनाना था
हम हिस्से ले कर क्यूँ बैठे
जब इतिहास बताना था सब को
हम क़िस्से ले कर क्यूँ बैठे

बोलो हम हिन्दुस्तानी हैं
बस क्षेत्र प्रांत रटना छोड़ो
क्या ज़ात पात क्या भेद-भाव
तुम टुकड़ों में बॅंटना छोड़ो

हम आपस में उलझे हैं
दुनिया तो आगे चली गई
अपनी मेधा अपनी मेहनत तो
राजनीति से छली गई

कोशिश हम को ये करनी है
हम मिल कर के फ़ौलाद बनें
अपना वजूद साबित कर के
फिर एक मुल्क आज़ाद बने

— Gulshan

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