use ye kehna bhale hi kabhi na aa.e vo | उसे ये कहना भले ही कभी न आए वो

  - ALI ZUHRI

उसे ये कहना भले ही कभी न आए वो
पर अपने होने की कोई ख़बर तो लाए वो

वो जो हसीन है दिलकश है ख़ूबसूरत है
अदास अपनी किसी और को लुभाए वो

सुना है मैंने वो हिंदा मिज़ाज लड़की है
तो पेश है मेरा दिल शौक़ से चबाए वो

भटक गया हूँ कहीं 'इश्क़ के सफ़र में मैं
अब आए और मुझे रास्ता दिखाए वो

मेरी तरह से जो ता 'उम्र उसको तंग करे
मेरी दु'आ है के मुझ जैसा बेटा पाए वो

ख़ुदा के फज़्ल से उसकी मुराद पूरी हुई
मेरी तबाही पे ख़ुशियों के गीत गाए वो

जिसे भी लगता है मेरे बयान में है नुक़्स
तो मेरे पास से उठ कर चला भी जाए वो

ख़ुदा करे उसे उसकी ख़ताओं से आगाह
ख़ुद अपने आप को ही आइना दिखाए वो

  - ALI ZUHRI

Musafir Shayari

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