"इंतिज़ार"
एक उम्र गुज़ार चुके तो महसूस किया है
जिसे उम्र भर चाहा वो मग़रूर हुआ है
एक शख़्स का इंतिज़ार हर वक़्त किया है
वो जा चुका है हमें अब यक़ीन हुआ है
तिरे इंतिज़ार ने बालों को सफेद किया है
हम समझते रहे ये धूल का किया है
— ALI ZUHRI
एक उम्र गुज़ार चुके तो महसूस किया है
जिसे उम्र भर चाहा वो मग़रूर हुआ है
एक शख़्स का इंतिज़ार हर वक़्त किया है
वो जा चुका है हमें अब यक़ीन हुआ है
तिरे इंतिज़ार ने बालों को सफेद किया है
हम समझते रहे ये धूल का किया है
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