"भूला न देना"

सुनो, बदलते वक़्त के साथ तुम बदल तो नहीं जाओगी
तुम मुझे भूल तो नहीं जाओगी
वो अपनी मुलाक़ातें, वो देर तक फोन पर बातें
साथ हँसना, साथ रोना, रूठना, मनाना
तुम भूल तो नहीं जाओगी
पता है! हम एक-दूसरे के कभी नहीं हो सकते
लेकिन ये तो बा'द की बात है नहम एक-दूसरे के हो चुके हैं, है न?

पता है, जो आज है कल नहीं होगा
एक दिन ये साथ छुट जाएँगे
उम्मीदों के धागे टूट जाएँगे
तन कहीं और मन कहीं होगा
यादों के सिवा कुछ नहीं होगा
पता है, जो आज है कल नहीं होगा

अक़्श आँखों से मिटा न सकूँगा
चाह कर भी तुम्हें भूला न सकूँगा
कैसे यक़ीं दिलाऊँ तुम्हें
तुम मुझे बहुत याद आओगी
सुनो, तुम मुझे भूल तो नहीं जाओगी

— Vikas Sangam

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Khafa Shayari

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