plan to kuchh aur tha lekin daanv ulta pad gaya | प्लान तो कुछ और था लेकिन दाँव उल्टा पड़ गया

  - Aatish Indori

प्लान तो कुछ और था लेकिन दाँव उल्टा पड़ गया
इसलिए तुमको मोहब्बत को निभाना पड़ गया

दिल की बातों को बताना मुझको महँगा पड़ गया
हाथ धो कर के मेरे पीछे ज़माना पड़ गया

क्यूँँकि इक दो दिन में डोली उसकी जाने वाली थी
'इश्क़ जो दिल में दबा था वो जताना पड़ गया

भर दिया था तुमने यादों से दर-ओ-दीवार को
इस वजह से मुझको पूरा घर जलाना पड़ गया

जान तेरे नाम वाली थी कहाँ दूजी कोई
जान तेरे नाम का टेटू मिटाना पड़ गया

  - Aatish Indori

Shama Shayari

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