तेरी और उस की कहानी खोल सकता हूँ
मैं मोहब्बत के मआ'नी खोल सकता हूँ
आप को थोड़ी मुझे ये फ़ख़्र हासिल है
सामने सबके जवानी खोल सकता हूँ
मेरे बच्चे जब हुए तब अक़्ल आई है
अब पिता होने के मानी खोल सकता हूँ
सच छुपाना है तो मुझ को मार दो गोली
मैं कभी भी ये कहानी खोल सकता हूँ
— Aatish Indori















