हम को पागल करने में सब शामिल हैंआप की ये मासूम अदाएँ क़ातिल हैंहोंठ तबस्सुम आँखें लब अंदाज़ सनमकितने बे-परवा कितने ज़िंदा दिल हैं— Ajeetendra Aazi Tamaam