पीछे से हर ग़म पर वार किया हमने,
ख़ुश होने की हद को पार किया हमने..
हर दूजे चेहरे पर दिल आ जाता है,
तुम सोचोगे कैसे प्यार किया हमने..
काम लिया तो था तुम सेे ख़ुद्दारी में,
लेकिन तुम सेे भी बेकार किया हमने..
ख़ुद हम ऐसे वैसे थे लेकिन फिर भी,
कैसे कैसो को इनकार किया हमने..
'इश्क़ हमारा चाँद सितारे छू लेगा,
घुटनों पर आकर इज़हार किया हमने..
मौत खड़ी थी दरवाज़े पर मिलने को,
मुश्किल से ख़ुद को तैयार किया हमने..
'दर्पन' तुम जो 'मर जाऊँगा' कहते हो..
ऐसा ग़ुस्सा कितनी बार किया हमने?
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