सब तरकीबें सब हुश्यारी करता है
इश्क़ में दिल बातें ये सारी करता है
जुगनू झिलमिल तारे और पूरा सा चाँद
साथ में दिल भी शब-बेदारी करता है
अरमानों के रख़्त इकट्ठा करता ये
लंबे सफ़र की जब तय्यारी करता है
नादानी से थोड़ी ना-फ़रमानी तक
हर कोशिश ये बारी बारी करता है
इश्क़ नया हो तो लगता है जादू सा
धीरे धीरे फिर दुश्वारी करता है
— Abhinav Srivastav















