तिरीबातठीकहैमानताहूँचराग़हूँमैंजलाहुआ
मगरआँधियोंमेंघिराहुआहूँकिख़ूनमेंहूँसनाहुआ
मुझेलगरहामिरेहाथपरहैगुल-ए-बहिश्तकीरौशनी
मगरआपकहतेहैंहाथमेरासुरींकेनीचेरखाहुआ
वोचलागयामुझेतोड़करमुझेबीचराहमेंछोड़कर
जोगलेलगाकेयेकहरहामैंतिरीक़समसेक़बाहुआ
किबिनाहिलाएबिनाडुलाएयेजामकैसेछलकगया
मुझेलगरहाकोईभूतबनकेफ़िराकमेंहैलगाहुआ
वोयेकहरहेअभीआरहाहूँबसएकपलमेंहीलौटकर
मिरीउम्रपूरीगुज़रगईइसीराहमेंहूँखड़ाहुआ