मुझे तू जाना पहचाना बना ले
नहीं तो साँप का खाना बना ले
मुझे तू छोड़ दे पागल बना कर
मगर पहले तो दीवाना बना ले
छुपाए राज़ गर छुपता नहीं तो
हमारे दिल को तह-ख़ाना बना ले
— Afzal Sultanpuri
नहीं तो साँप का खाना बना ले
मुझे तू छोड़ दे पागल बना कर
मगर पहले तो दीवाना बना ले
छुपाए राज़ गर छुपता नहीं तो
हमारे दिल को तह-ख़ाना बना ले
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