khushi men yuñ izafa kar liya hai | ख़ुशी में यूँँ इज़ाफ़ा कर लिया है

  - Aisha Ayyub

ख़ुशी में यूँँ इज़ाफ़ा कर लिया है
बहुत सा ग़म इकट्ठा कर लिया है

हमें हम से बचाने कौन आता
सो अब ख़ुद से किनारा कर लिया है

मिरी तन्हाई का आलम तो देखो
ज़माने भर को यकजा कर लिया है

तुझे जाने की जल्दी थी सो ख़ुद से
तिरे हिस्से का शिकवा कर लिया है

नहीं माँगेंगे तुझ को अब दुआ में
ख़ुदास हम ने झगड़ा कर लिया है

तरसते हैं जिसे मिलने की ख़ातिर
उसी को अपनी दुनिया कर लिया है

वो क्या है 'इश्क़ हम ने अब की जानाँ
तकल्लुफ़ में ज़ियादा कर लिया है

अँधेरों में तो रखते ही थे ख़ुद को
उजालों में भी तन्हा कर लिया है

खुले पिंजरे में भी जिस को है वहशत
ये दिल ऐसा परिंदा कर लिया है

  - Aisha Ayyub

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