ba | बड़ी जल्दी मचा दी उसने कारीगर का होने में

  - Ankit Yadav

बड़ी जल्दी मचा दी उसने कारीगर का होने में
अभी तो वक़्त था काफ़ी उसे पत्थर का होने में

उसे ये बात कहता भी तो आख़िर किस तरह कहता
बड़ा था फ़र्क उसके और जादूगर का होने में

रिहा तो हो गया मैं क़ैद से लेकिन इन आँखों को
ज़माना लग गया उस ख़्वाब से बाहर का होने में

मुझे इस बात की नाराज़गी तो है के वो मुझको
भुलाने लग गया है फिर किसी बिस्तर का होने में

नए रस्ते बनेंगे और नए जंगल बसर होंगे
नदी जिस ओर जाएगी किसी सागर का होने में

  - Ankit Yadav

Waqt Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ankit Yadav

As you were reading Shayari by Ankit Yadav

Similar Writers

our suggestion based on Ankit Yadav

Similar Moods

As you were reading Waqt Shayari Shayari