मैं भूल चुका हूँ कि ये वनवास है वन हैइस वक़्त मेरे सामने सोने का हिरन हैमैं ध्यान से कुछ सुन ही नहीं पाऊँगा सरकारमैं क्या ही बताऊँ कि मेरा ध्यान मगन है— Vikram Gaur Vairagi