मेरी हीरिए मेरी हम-नवा मेरी जान-ए-जाँ मेरी दिलरुबा
मैं मुरीद हूँ तेरे नाम का तेरी सादगी पे हूँ मर मिटा
कहीं खो न दूँ तुझे अगले पल इसी सोच में रहा जागता
तुझे पा लिया है ये सच मगर लगे क्यूँ मुझे ये है ख़्वाब सा
ये जो चाहतें मेरे दिल में है तुझे क्या ख़बर तुझे क्या पता
मैं भले ही लब से न कह सकूँ तुझे देखने को तड़प रहा
— Ambar















