
ख़्वाबों का गुलदान मिलेगा जाने कब
वो सपना अरमान मिलेगा जाने कब
जिस के लिए दिल कब से धड़-धड़ धड़के है
मुझ को वो बईमान मिलेगा जाने कब
देखा जाता है बस भूखी नज़रों से
नारी को सम्मान मिलेगा जाने कब
तू भी 'अंबर' श्रद्धा भक्ती रक्खा कर
कहते हैं भगवान मिलेगा जाने कब
— Ambar















